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कैंसर का इलाज

अवलोकन

कोशिका जाल

कैंसर को जानने से पहले हमें कोशिकाओं के बारे में समझना ज़रूरी है जो कैंसर की उत्पत्ति का मुख्य जरिया होती है l हमारा शरीर खरबों कोशिकाओं से मिलकर बना होता है l ये कोशिकाएं शरीर के लिए संरचना प्रदान करते हैं, भोजन से पोषक तत्वों को लेते हैं, उन पोषक तत्वों को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं और विशेष कार्य करते हैं। ये कोशिकाएं हमारे शरीर की जरूरतों के अनुसार बदलती रहती है l जो कोशिकाएं पुरानी अथवा खराब हो जाती है वे स्वतः ही नष्ट होने लगती है और उनकी जगह नई कोशिकाएं बनने लगती है l ये कोशिकाएं ज्यादा बढ़ने पर जरूरतों के अनुसार अपना विभाजन भी करती रहती है l इस तरह से ये हमारे शरीर में मृत, जीवित और विभाजित होती रहती है और सक्रिय रहती हैं l 

कैंसर : एक घातक बीमारी

जब इन कोशिकाओं की सक्रियता को प्रभावित करने वाले कारक हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं तो ये कोशिकाएं अनियंत्रित होकर जरूरत से ज्यादा विकसित होने लगती है l जब इनकी अनियंत्रित वृद्धि होती है तो कुछ ही अन्तराल में ये समुह मे इकट्ठी होने लग जाती है l ये समूह एक गठान अथवा गांठ में तब्दील हो जाते है l ये गांठ ट्यूमर कहलाती हैं जो समय के साथ बढ़ती जाती है और प्रभावित जगह के आसपास के ऊतकों में फैलने लगती हैं, उन्हें क्षतिग्रस्त करती हैंऔर धीरे धीरे शरीर के सभी अंगों पर अपना आधिपत्य जमा लेती हैं l ये ट्यूमर कैंसर कहलाता है जो शरीर के किसी भी अंग मे हो सकता है l शरीर के जिस भी अंग मे इन कोशिकाओं की गठान ट्यूमर के रूप में होती है उसे उस अंग का कैंसर कहा जाता है l

सौम्य और घातक ट्यूमर 

शरीर में होने वाले प्रायः सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते हैं l कुछ ट्यूमर सौम्य अथवा कैंसर मुक्त होते है जो शरीर के अन्य भागों को नुकसान नहीं पहुंचाते है l जबकि कुछ ट्यूमर घातक अथवा कैंसरयुक्त होते हैं जो शरीर के अन्य भागों में फैल जाते हैं और शरीर के अन्य भागों तथा उनके कार्यों को प्रभावित करते हैं l

अनुसंधान

जैन के गोमूत्र चिकित्सा क्लिनिक का उद्देश्य प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ एकीकृत करके एक सुखी और स्वस्थ जीवन बनाना है। हमारी चिकित्सा का अर्थ है आयुर्वेद सहित गोमूत्र व्यक्ति के तीन दोषों पर काम करता है- वात, पित्त और कफ। ये त्रि-ऊर्जा हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखती हैं, इन दोषों में कोई भी असंतुलन, मानव स्वास्थ्य और बीमारी के लिए जिम्मेदार है। हमें यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमारे उपचार के तहत हमने इतने सारे सकारात्मक परिणाम देखे हैं। हमारे इलाज के बाद हजारों लोगों को कई बीमारियों से छुटकारा मिला।

हमारे मरीज न केवल अपनी बीमारी को खत्म करते हैं बल्कि हमेशा के लिए एक रोग मुक्त स्वस्थ जीवन जीते हैं। यही कारण है कि लोग हमारी चिकित्सा की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। आयुर्वेदिक उपचारों में हमारे वर्षों के शोध ने हमें अपनी कार्यप्रणाली को आगे बढ़ाने में मदद की है। हम पूरी दुनिया में एक स्वस्थ और खुशहाल समाज का निर्माण करने के लिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं।

गोमूत्र चिकित्सा द्वारा प्रभावी उपचार

गाय के मूत्र चिकित्सीय दृष्टिकोण के अनुसार, कुछ जड़ी-बूटियां शरीर के दोषों (वात, पित्त और कफ) को फिर से जीवंत करने का कार्य करती हैं, जो कि कैंसर का कारण बनती है, यदि वे अनुपातहीन हैं, तो उसे ठीक किया जा सकता है। उनके इलाज के लिए कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में कई सहायक तत्व हैं। यह शरीर के चयापचय को बढ़ाता है।

जीवन की गुणवत्ता

गोमूत्र के उपचार से अच्छी सेहत प्राप्त होती है जो कि शरीर के दोषों को संतुलित रखती है। आज, व्यक्ति हमारी देखभाल और उपचार के परिणामस्वरूप अपने स्वास्थ्य में लगातार सुधार कर रहे हैं। इससे उनके दैनिक जीवन की स्थिरता बढ़ती है। गोमूत्र के साथ, आयुर्वेदिक औषधियां भारी खुराक, मानसिक तनाव, विकिरण और कीमोथेरेपी के उपयोग से विभिन्न दुष्प्रभावों को कम करने के लिए एक पूरक चिकित्सा के रूप में काम कर सकती हैं। हम लोगों को सिखाते हैं कि कैसे एक असाध्य बीमारी के साथ शांतिपूर्ण और तनावपूर्ण जीवन जीया जाये, यदि कोई रोग हो तो। हमारा परामर्श लेने के बाद से, हज़ारों लोग स्वस्थ जीवन जीते हैं और यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है कि हम उन्हें एक ऐसी ज़िंदगी दें जो उनका सपना हो।

जटिलता निवारण

आयुर्वेद में, गोमूत्र का एक विशेष स्थान है जिसे अक्सर कैंसर जैसी भयानक बीमारियों के लिए मददगार कहा जाता है। हमारे वर्षों के श्रमसाध्य कार्य यह साबित करते हैं कि हमारी जड़ी-बूटियों का उपयोग करने से कैंसर की लगभग सभी जटिलताएँ समाप्त हो जाती हैं। हमारा उपचार कैंसर के दर्द में एक बड़ी राहत देता हैं, शरीर में हार्मोनल और रासायनिक परिवर्तनों को नियंत्रित करता हैं, शरीर के अन्य अंगों या आस-पास कैंसर कोशिकाओं के फैलने और बढ़ने की गति को धीमा करता हैं I साथ ही साथ यह रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करता हैं I यह अन्य कैंसर जटिलताओं, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याओं को भी नियंत्रित करते हैं।

जीवन प्रत्याशा

यदि हम किसी व्यक्ति की अस्तित्व प्रत्याशा के बारे में बात कर रहे हैं तो गोमूत्र उपाय स्वयं में एक बड़ी आशा हैं। कोई भी बीमारी या तो छोटी या गंभीर स्थिति में होती है, जो मानव शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है और कुछ वर्षों तक मौजूद रहती है, कभी-कभी जीवन भर के लिए। एक बार विकार की पहचान हो जाने के बाद, अस्तित्व प्रत्याशा कम होने लगती  है, लेकिन गोमूत्र चिकित्सा के साथ नहीं। हमारा ऐतिहासिक उपाय अब इस बीमारी से सबसे प्रभावी रूप से ही छुटकारा नहीं दिलाता है, बल्कि उस व्यक्ति की जीवनशैली-अवधि में भी वृद्धि करता है और उसके रक्तप्रवाह में कोई विष भी नहीं छोड़ता है और यही हमारा अंतिम उद्देश्य है।

दवा निर्भरता को कम करना

"सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्", इसका अर्थ है कि सभी को खुश रहने दें, सभी को रोग मुक्त होने दें, सभी को सत्य देखने दें, कोई भी दुःख का अनुभव नहीं करे।  इस कहावत का पालन करते हुए, हम अपने समाज को इसी तरह बनाना चाहते हैं। हमारा उपाय विश्वसनीय उपचार देने, जीवन प्रत्याशा बढ़ाने और प्रभावित लोगों की दवा निर्भरता कम करने के माध्यम से इसे पूरा करता है। हमारे उपाय में इस वर्तमान दुनिया में उपलब्ध किसी भी वैज्ञानिक उपचारों की तुलना में अधिक लाभ और शून्य जोखिम हैं।

पुनरावृत्ति की संभावना को कम करना

चिकित्सा पद्धतियों की एक विस्तृत श्रृंखला की तुलना में, हम रोग के मूल कारण और उन कारकों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो बीमारी के पुनरावृत्ति की संभावना को बढ़ा सकते हैं, न कि केवल रोग के प्रबंधन पर। इस पद्धति का उपयोग करके, हमने पुनरावृत्ति दर को सफलतापूर्वक कम कर दिया है और लोगों के जीवन के लिए एक नई दिशा बताई है ताकि लोग भावनात्मक और शारीरिक रूप से बेहतर जीवन जी सकें।

कैंसर के कारण

कैंसर एक बहुत ही गम्भीर बीमारी है जो शरीर के किसी भी अंग मे हो सकती है l ये बीमारी बहुत ही व्यापक है जो बच्चों से लेकर किशोरों, वयस्क, वृद्ध, महिलाओं तथा पुरुषों तक किसी को भी हो सकती है l सामान्य तौर पर कैंसर के लिए कई प्राकृतिक और मानवीय कारक जिम्मेदार होते हैं -

  • आनुवांशिक
  • पारिवारिक इतिहास
  • उम्र
  • मोटापा
  • धूम्रपान, एल्कोहल एवं  तम्बाकू
  • पुरानी बीमारियां
  • रेडिएशन
  • रसायन, एस्बेस्टोस, इंडस्ट्रियल वेस्ट, कीटनाशक एवं फ्लोराइड
  • संक्रमण (ह्यूमन पेपीलोमा वायरस, हेपेटाइटिस बी या सी वायरस)
  • जीवन शैली
  • प्रतिरक्षा प्रणाली
  • जागरूकता की कमी
  • नज़रंदाज और लापरवाही 


कैंसर से निवारण 

प्रायः प्रत्येक इंसान को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक रहना चाहिए ताकि समय रहते इसका निवारण किया जा सके l पूरे जीवनकाल में कई ऐसी आदतों को हम अपनी जीवनशैली में शामिल कर लेते हैं जो जाने अनजाने कैंसर के जोखिम-कारक बन सकते हैं l अतः इस बीमारी से अपना बचाव करने के लिए हमें निम्न प्रयास करने चाहिए - 

  • धूम्रपान एवं तंबाकू के अत्याधिक सेवन जैसी लत को त्यागना चाहिए l
  • एल्कोहल की बुरी आदत को छोड़ना चाहिए l
  • स्वस्थ संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए जिसमें प्रोटीन, विटामिन और आयरन जैसे पौष्टिक तत्वों की पर्याप्त मात्रा हो l
  • हमे अपने वजन को ज्यादा बढ़ने नहीं देना चाहिए l
  • शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नित्य योग एवं कसरत आदि किया जाना चाहिए l
  • बढ़ती उम्र में शरीर का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए l
  • विषैले रसायन के सम्पर्क में आने से स्वंय को बचाए रखना चाहिए l
  • संक्रमण से बचने के लिए समय पर अपना वैक्सीनेशन करवाना चाहिए l
  • हमें अपनी बीमारी के लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए ना ही इसके इलाज के प्रति लापरवाही बरतनी चाहिए l

कैंसर के लक्षण 

कई घातक बीमारियां अपनी गंभीरता के असामान्य लक्षणों को अपनी स्थिति अनुसार शरीर में पैदा करती रहती है जो इसकी बढ़ती स्थिति को बताते हैं l ये असामान्य लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं -

  • कैंसर पीड़ित व्यक्ति को प्रभावित अंगों व उसके आसपास असहनीय दर्द होता है l
  • बिना किसी वजह के वजन का निरंतर घटता चला जाता है।
  • धीरे धीरे भूख में कमी होने लगती है l
  • व्यक्ति शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा कमजोर हो जाता है और उसकी थकावट बनी रहती है l
  • लिम्फ नोड्स, हाथ, पैरों व प्रभावित क्षेत्रों में सूजन हो जाती है l
  • असामान्य रक्तस्राव जो व्यक्ति के मुंह, मूत्र मार्ग, उल्टी, मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति द्वारा होने लगता है l
  • व्यक्ति को असामान्य खांसी व बुखार रहता है l
  • उल्टियां होना, मतली, अपच और दस्त जैसी परेशानी किसी कैंसर का लक्षण हो सकते हैं l
  • त्वचा में असामान्य बदलाव जैसे कि त्वचा का पीला पड़ना, सफेद पड़ जाना, किसी तरह का त्वचा पर घाव, खुजली, जलन, गांठ या खिंचाव आदि l

 

कैंसर के प्रकार 

कैंसर शरीर के किसी भी अंग में शुरू हो सकता है l शरीर में ट्यूमर का विकास कहीं भी शुरू हो सकता है l इन्हीं के आधार पर कैंसर के सौ से भी अधिक प्रकार पाए जाते हैं जिनमे से इसके किसी भी प्रकार से व्यक्ति पीड़ित हो सकता है l कुछ कैंसर दुर्लभ होते हैं तो कुछ लोगों में बहुत आम होते हैं l इन्हीं में से कैंसर के कुछ प्रकार निम्नलिखित हैं -

  • फेफड़ों का कैंसर 
  • गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर 
  • अग्नाशय का कैंसर 
  • रक्त का कैंसर 
  • लिवर/यकृत का कैंसर 
  • हड्डियों का कैंसर 
  • अंडाशय का कैंसर 
  • मस्तिष्क का कैंसर 
  • मुँह का कैंसर 
  • स्तन कैंसर 
  • ब्लैडर कैंसर
  • न्यूरोफाइब्रोमा 
  • किडनी कैंसर
  • इसोफेगल  कैंसर
  • पित्ताशय की थैली का कैंसर
  • प्रोस्टेट कैंसर
  • कोलन और रेक्टल कैंसर
  • एंडोमेट्रियल कैंसर
  • ल्यूकिमिया
  • मेलेनोमा
  • गैर-हॉजकिन लिंफोमा
  • थाइराइड कैंसर
  • इंट्राओक्युलर मेलानोमा
  • रेटिनोब्लास्टोमा
  • गैस्ट्रिक (पेट) कैंसर
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कार्सिनॉइड ट्यूमर
  • सिर और गर्दन का कैंसर
  • मेटास्टेटिक कैंसर
  • पेनाइल कैंसर
  • ग्रसनी का कैंसर
  • फीयोक्रोमोसाइटोमा
  • पिट्यूटरी ट्यूमर
  • गर्भाशय सारकोमा
  • थाइमोमा और थाइमिक कार्सिनोमा
  • मूत्रमार्ग का कैंसर
  • गर्भाशय कैंसर, एंडोमेट्रियल
  • गर्भाशय सारकोमा
  • योनि का कैंसर
  • संवहनी ट्यूमर
  • वुल्वर कैंसर
  • होंठ और ओरल केवीटी कैंसर

कैंसर की जटिलताएँ 

कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को निम्नलिखित जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है - 

  • कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को होने वाला दर्द असहनीय हो सकता है l
  • व्यक्ति के शरीर में कई तरह के रासायनिक परिवर्तन आना शुरू हो जाते है I 
  • व्यक्ति को मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याएं हो सकती है I 
  • व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है I 
  • व्यक्ति डायरिया अथवा कब्ज की समस्या से ग्रसित रहना शुरू हो जाता है I 
  • व्यक्ति को असामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली की दुर्लभ प्रतिक्रियाएं संबंधी दिक्कतें होना शुरू हो जाती है I 
  • कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैलना शुरू हो जाता है I 
  • कैंसर के इलाज के बाद फिर से होने की संभावना हो सकती है I

मान्यताएं